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घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने आनन-फानन में सुरेन्द्र यादव को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चांद पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर चांद थाना की पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भभुआ भेज दिया गया। सुरेन्द्र यादव की मौत की खबर जैसे ही उनके घर पहुंची, परिवार में चीख-पुकार मच गई। बताया जाता है कि वह अपने वृद्ध पिता जुमली यादव के इकलौते पुत्र थे और परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी मुख्य रूप से उन्हीं के कंधों पर थी।
मृतक अपने पीछे पत्नी आरती देवी और दो पुत्रों को छोड़ गए हैं। उनके बड़े पुत्र लवकुश यादव (14 वर्ष) तथा छोटे पुत्र सूरज यादव (13 वर्ष) हैं। अचानक हुई इस मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने घटना पर दुख जताते हुए बिजली विभाग से ट्रांसफार्मर और अर्थिंग व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।