Home कुदरा डूबे पुल पर मौत का सफर: नदी की तेज धार में बह...

डूबे पुल पर मौत का सफर: नदी की तेज धार में बह गए दो किशोर, एक की गई जान

कुदरा में डूबे पुल से नदी पार करते दो किशोर डूबे, एक की मौत

गांव में शोकाकुल स्वजन व ग्रामीण

Bihar: कैमूर जिले के कुदरा बाजार के समीप सोमवार की देर शाम एक दर्दनाक हादसे में दो किशोर दुर्गावती नदी की तेज धारा में बह गए। दोनों किशोर पानी में डूबे पुल को पार कर अपने गांव लौट रहे थे। हादसे के बाद ग्रामीणों की तत्परता से एक किशोर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि दूसरे की जान नहीं बच सकी। मृतक की पहचान रामपुर गांव निवासी विनोद साह के 17 वर्षीय पुत्र विवेक कुमार के रूप में हुई है। बताया जाता है कि दोनों किशोर कुदरा बाजार में दूध पहुंचाने के बाद रामपुर गांव स्थित अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में दुर्गावती नदी पर बना ह्यूम पाइप वाला पुल पानी में पूरी तरह डूबा हुआ था। पुल के ऊपर करीब एक से डेढ़ फीट पानी बह रहा था। शाम के समय अंधेरा बढ़ जाने के कारण पुल पार करते समय दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे पानी की तेज धार की चपेट में आ गए।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

NS News

शोर सुनकर दौड़े ग्रामीण, एक को बचाने में मिली सफलता
दोनों किशोरों के नदी में बहने की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। लोगों ने बिना देर किए नदी में उतरकर बचाव अभियान शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद एक किशोर को पानी से बाहर निकाल लिया गया। ग्रामीणों ने तत्काल उसे संभाला और प्राथमिक स्तर पर उपचार करते हुए पेट में भरा पानी निकालने का प्रयास किया। होश में आने के बाद उसने बताया कि उसका साथी भी नदी में बह गया है। इसके बाद ग्रामीणों ने दोबारा नदी में तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद विवेक कुमार को भी नदी से बाहर निकाला गया। उसकी हालत गंभीर थी। ग्रामीण उसे तत्काल कुदरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इकलौते बेटे की मौत से परिवार में मचा कोहराम
विवेक की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि रामपुर गांव में भी मातम का माहौल है।
ग्रामीणों के अनुसार विवेक अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। वह इंटरमीडिएट में पढ़ाई कर रहा था और पढ़ाई के साथ परिवार के काम में भी सहयोग करता था। कम उम्र में हुई उसकी मौत ने परिवार को गहरा सदमा दिया है।

जिस खतरे की चेतावनी मिली, कुछ घंटे बाद उसी पुल पर हुआ हादसा
इस घटना ने दुर्गावती नदी पर बने कम ऊंचाई वाले पुल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों के अनुसार यह पुल ह्यूम पाइप के सहारे बनाया गया है और इसके निर्माण में ग्रामीणों ने चंदा जुटाने के साथ श्रमदान भी किया था। नदी का जलस्तर बढ़ते ही पुल पानी में डूब जाता है, इसके बावजूद लोगों को आवागमन के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है। कुदरा बाजार के पूर्वी हिस्से में ग्रामीणों ने अपेक्षाकृत ऊंचा पुल भी बनाया है, लेकिन हाल में आई बाढ़ के दौरान उसकी रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते बड़ी संख्या में लोग पश्चिमी छोर पर बने ह्यूम पाइप वाले पुल से ही आवागमन करते हैं। विडंबना यह है कि पानी में डूबे इस पुल को लेकर हादसे की आशंका पहले ही जताई जा चुकी थी। सोमवार को ही इस रास्ते से जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को लेकर खबर प्रकाशित हुई थी। इसके कुछ ही घंटे बाद इसी पुल को पार करने के दौरान किशोर की मौत ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं को और गंभीर बना दिया।

स्थायी पुल की मांग फिर उठी, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर सवाल
हादसे के बाद ग्रामीणों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी देखने को मिली। युवा कांग्रेस नेता अभिनव कुमार सिंह ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि ग्रामीण लंबे समय से दुर्गावती नदी पर स्थायी पुल की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि सरकारी स्तर पर स्थायी पुल का निर्माण नहीं होने के कारण ग्रामीणों को अपने स्तर पर पुल तैयार करना पड़ा। बाढ़ के समय यही पुल जानलेवा साबित हो जाता है। अभिनव कुमार सिंह ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव से पहले नदी पर स्थायी पुल के निर्माण के लिए शिलान्यास किया गया था, लेकिन चुनाव के बाद निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं आई। उन्होंने हादसे के लिए व्यवस्था की लापरवाही को जिम्मेदार बताते हुए जल्द से जल्द सुरक्षित और स्थायी पुल का निर्माण कराने की मांग की। हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि जब तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक नदी पार करने के इस खतरनाक रास्ते पर सुरक्षा की ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपने बच्चे को न खोना पड़े।

 

Exit mobile version