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घटना के विरोध में गुरुवार सुबह बस्तीवासियों ने कुदरा-भभुआ मुख्य मार्ग को लगभग छह घंटे तक जाम रखा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने घरों में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट की। बाद में मोहनिया की एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी और एसडीपीओ प्रदीप कुमार ने मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ।
प्राथमिकी और गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले में 28 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अब तक 13 आरोपितों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
पुलिस का पक्ष
एसडीपीओ प्रदीप कुमार के अनुसार, सूचना मिली थी कि एनडीपीएस के एक पूर्व आरोपी द्वारा शराब पार्टी कर डीजे बजाया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। पुलिस का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान भीड़ ने गाली-गलौज, पथराव और फायरिंग की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में पुलिस को भी फायरिंग करनी पड़ी। इस दौरान एक सरकारी वाहन को भी नुकसान पहुंचा। झड़प में थानाध्यक्ष नंदू कुमार समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनका इलाज कुदरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया। पुलिस का यह भी दावा है कि हथियार छीनने की कोशिश की गई थी।
तनाव बरकरार
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति है। स्थानीय लोगों ने एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे को क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस का कहना है कि कैमरा जांच के लिए जब्त किया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।