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प्रस्तुत बजट के अनुसार नगर पंचायत के पास प्रारंभिक शेष राशि 18 करोड़ 47 लाख 15 हजार 705 रुपये है। वहीं वर्ष 2026-27 के दौरान 55 करोड़ 3 लाख 61 हजार 188 रुपये की आय का अनुमान लगाया गया है। इसके मुकाबले 48 करोड़ 36 लाख 82 हजार 531 रुपये व्यय किए जाने का प्रावधान रखा गया है। बजट के अंत में 25 करोड़ 24 लाख 94 हजार 361 रुपये की राशि शेष रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। मुख्य पार्षद सुरेंद्र कुमार पाल ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह केवल आय और व्यय का दस्तावेज नहीं है, बल्कि नगर के सुनियोजित विकास, बेहतर प्रशासन और जनकल्याण की दिशा में तैयार की गई कार्ययोजना है। इसका उद्देश्य कुदरा को स्वच्छ, सुरक्षित, सुंदर और सुविधासंपन्न नगर के रूप में विकसित करना है। बजट में सड़क और नाला निर्माण, शहरी जलापूर्ति योजना के विस्तार तथा हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की योजनाओं को प्रमुखता दी गई है। साथ ही स्मार्ट स्ट्रीट लाइट और सोलर आधारित सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था को बढ़ावा देने का भी प्रावधान किया गया है।
स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए कचरा प्रबंधन से संबंधित मशीनरी और उपकरणों की खरीद की योजना शामिल की गई है। इसके अतिरिक्त सामुदायिक भवन, रैन बसेरा, मल्टी स्टोरी शौचालय और पिंक टॉयलेट निर्माण के प्रस्ताव भी बजट का हिस्सा हैं। युवाओं और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्टेडियम, ग्रीन पार्क, पुस्तकालय और सामुदायिक हॉल विकसित करने की योजना बनाई गई है। नगर सौंदर्यीकरण के तहत स्वागत द्वार, प्रतिमा स्थापना और पर्यटन स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वेंडिंग जोन, मार्केट कॉम्प्लेक्स और बस स्टैंड के विकास संबंधी योजनाएं भी बजट में शामिल की गई हैं। मुख्य पार्षद ने कहा कि बजट तैयार करते समय नागरिकों की अपेक्षाओं, स्थानीय समस्याओं और बोर्ड सदस्यों के सुझावों को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारकर कुदरा के विकास को नई गति प्रदान की जाएगी।