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डीआईजी हरप्रीत कौर ने सीसीटीएनएस एवं ऑनलाइन एफआईआर प्रणाली की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को डिजिटल पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आम जनता को ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। बैठक में बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित सुरक्षा जांच, संवेदनशील क्षेत्रों में गश्ती बढ़ाने तथा साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। भूमि विवाद से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए डीआईजी ने कहा कि ऐसे विवाद कई बार गंभीर विधि-व्यवस्था की समस्या का कारण बनते हैं। इसलिए पुलिस एवं प्रशासन के समन्वय से इन मामलों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जाए। शस्त्र अनुज्ञप्तियों (आर्म्स लाइसेंस) की वर्तमान स्थिति और स्पीडी ट्रायल से संबंधित मामलों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई एवं न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने पर बल दिया।
समीक्षा बैठक के उपरांत पुलिस उप महानिरीक्षक ने पुलिस केंद्र भभुआ का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुलिस भवनों के रख-रखाव, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, संसाधनों की स्थिति तथा पुलिसकर्मियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने आवश्यक संसाधनों के बेहतर उपयोग एवं रखरखाव के संबंध में भी दिशा-निर्देश दिए। दौरे के अंत में डीआईजी हरप्रीत कौर ने पुलिस अधीक्षक कैमूर एवं अन्य पुलिस पदाधिकारियों को कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने तथा अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना तथा शिकायतों का त्वरित निस्तारण करना होना चाहिए।