Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

उन्होंने विशेष रूप से मंदिर की आय-व्यय व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित रखने पर जोर दिया। स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि वित्तीय मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कार्य नियमों के अनुरूप और जवाबदेही के साथ किए जाएंगे। बैठक में यह भी तय किया गया कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और विकास कार्यों में सभी सदस्य मिलकर समन्वय के साथ काम करेंगे।
इस अवसर पर समिति के उपाध्यक्ष रामधार पाण्डेय, सचिव वीरेन्द्र कुमार पाण्डेय, कोषाध्यक्ष बद्रीनाथ शुक्ल सहित सदस्य अभय नारायण सिंह, चंद्रमा सिंह, ब्रह्मा प्रकाश द्विवेदी, प्रदीप तिवारी, कामता प्रसाद मालाकार, राजू पटवा और बालेश्वर राम उपस्थित रहे। सभी ने धाम के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।