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जानकारी के अनुसार, साइबर क्राइम स्पेशल यूनिट पटना द्वारा कैमूर पुलिस को कुछ संदिग्ध “म्यूल अकाउंट” की सूची भेजी गई थी। जांच के दौरान साइबर थाना पुलिस ने संबंधित खाताधारकों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया। जांच में सामने आया कि कई युवकों के नाम पर अलग-अलग बैंकों में तीन-तीन खाते खुलवाए गए थे। पूछताछ में खाताधारकों ने बताया कि भभुआ थाना क्षेत्र के मोकरी निवासी सत्येंद्र तिवारी, जो वर्तमान में भभुआ वार्ड संख्या-1 में रहता है, नौकरी दिलाने का भरोसा देकर खाते खुलवाता था। इसके बाद खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड और पैन कार्ड अपने पास रख लेता था। इन्हीं खातों के माध्यम से ऑनलाइन ठगी की रकम ट्रांजैक्ट की जाती थी।
पुलिस ने आरोपी के घर पर छापेमारी कर दो पैन कार्ड और कई शैक्षणिक प्रमाण पत्र बरामद किए हैं। मामले में सत्येंद्र तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कैमूर साइबर डीएसपी नीतू सिंह ने बताया कि पटना साइबर यूनिट से मिली सूचना के आधार पर जांच शुरू की गई थी। जिले में 10 संदिग्ध खातों की जांच की गई, जिनमें 8 खातों पर साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज मिली। जांच में पता चला कि नौकरी के नाम पर छात्रों और बेरोजगार युवकों को टारगेट बनाया जाता था। डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि पूरे नेटवर्क का संचालन पटना से जुड़े कुछ लोगों द्वारा कराया जाता था। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच लगातार जारी है।