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सीता मंदिर के प्रांगण में आयोजित हुआ अंतरराष्ट्रीय हिंदू राष्ट्र सम्मेलन, बड़ी संख्या में पहुंचे देश-विदेश के श्रद्धालु

जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज

Bihar: गोवर्धनमठ पुरी के पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने रामनवमी के अवसर पर जनकपुर धाम में आयोजित हिंदू अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि किसी भी नेता की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि नेपाल एक हिंदू राष्ट्र है भारत तभी सुरक्षित रहेगा जब नेपाल सुरक्षित होगा।

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जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज

यहां पहली बार अंतर्राष्ट्रीय हिंदू सम्मेलन हुआ रामनवमी के मौके पर जनकपुर धाम में जगत जननी माता सीता की जन्मस्थली में भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का यह आयोजन कई मायने में महत्वपूर्ण है, माता सीता मंदिर के प्रांगण में आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

इस कार्यक्रम का आयोजन आदित्य वाहिनी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेमचंद्र झा रहे, आदित्य वाहिनी सीतामढ़ी जिला संयोजक बलराम दुबे के अनुसार इस सम्मेलन में सीतामढ़ी बिहार के गांव से भी लोग बड़ी संख्या में भाग लिये इस सम्मेलन का संकल्प है कि प्रथम चरण में नेपाल, भारत और भूटान हिंदू राष्ट्र बनेंगे।

जगतगुरु शंकराचार्य ने कहा कि नेपाल और भारत की सुरक्षा के लिए एक हिंदू राष्ट्र होना जरूरी है मुझे नेता की जरूरत नहीं नेपाल एक हिंदू राष्ट्र है और रहेगा मैं घोषणा करता हूं, जगद्गुरु ने कहा कि भले ही भारत और नेपाल के सांस्कृतिक परिदृश्य में समानता है लेकिन सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि हाल के दिनों में नेपाल चीनी साजिशों में शामिल होता रहा है, विशेष रूप से यह दोनों देश के बीच का हिस्सा अर्थात मिथिलांचल क्षेत्र लेकिन चीन की साजिश से मूर्ख मत बनो यह बात कह कर उन्होंने नेपाल को सचेत किया।

जगतगुरु शंकराचार्य ने कहा कि नेपाल और भारत दोनों ने खुद को हिंदू राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है और 1 साल के भीतर दुनिया के 15 देश को हिंदू राष्ट्र के रूप में स्थापित कर लेंगे, उन्होंने अपनी टिप्पणी के दौरान नेपाल के नेताओं को हिदायत भी दी, उन्होंने कहा कि ओलीजी, प्रचंडजी अपने पूर्वजों के बारे में सावधान रहना, मृत्यु के बाद धर्म आपका साथ देगा, परिष्कार आपका साथ नहीं देगा।

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