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आरपीएफ सासाराम के निरीक्षक संजीव कुमार के अनुसार, लगभग दो महीने पहले कर्मनाशा स्टेशन की लूप लाइन में खड़ी टीआरएम रेक से टीआरटी मशीन का बीआरएन ब्रिज खोलकर अज्ञात चोरों ने चोरी कर लिया था। इस मामले में रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट सासाराम में रेल संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान आरपीएफ को गुप्त सूचना मिली कि नरमा गांव के कुछ लोग चोरी किए गए लोहे को छिपाकर रखे हुए हैं और उसे दूसरी जगह ले जाकर बेचने की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने कर्मनाशा स्टेशन के उत्तर दिशा में स्थित सड़क और तालाब के आसपास रात में निगरानी शुरू की।
मध्य रात्रि के दौरान टीम ने देखा कि तीन संदिग्ध व्यक्ति तालाब से भारी लोहे का एक लंबा टुकड़ा निकालकर ले जा रहे थे। जब उन्हें रोकने की कोशिश की गई तो वे सामान छोड़कर भागने लगे, लेकिन टीम ने पीछा कर तीनों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने करीब दो महीने पहले टीआरएम रेक से बीआरएन ब्रिज खोलकर उसे रेलवे लाइन के उत्तर दिशा में स्थित तालाब में छिपा दिया था। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए कुछ समय तक उसे वहीं छोड़ दिया गया था। बाद में मौका देखकर उसे निकालकर बेचने की योजना बनाई थी। आरपीएफ टीम ने मौके पर ही आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए बरामद सामान को जब्त कर लिया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आरपीएफ पोस्ट सासाराम लाया गया, जहां से उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।