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बिहार शिक्षा समिति का बड़ा एक्शन: फर्जी दस्तावेज पर नियुक्त शिक्षकों पर होगी FIR, 28 विश्वविद्यालयों की सूची जारी

भभुआ में फर्जी दस्तावेज पर पढ़ा रहे शिक्षकों पर FIR | बिहार शिक्षा समिति कार्रवाई

बिहार सरकार अब फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों पर नौकरी कर रहे शिक्षकों के खिलाफ सख्त

Bihar: बिहार शिक्षा विभाग ने फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहे शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। बिहार शिक्षा समिति के सचिव द्वारा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना को आदेश जारी कर ऐसे सभी शिक्षकों पर तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देश के 28 ऐसे विद्यालय एवं विश्वविद्यालय हैं जिनकी मान्यता बिहार सरकार द्वारा मान्य नहीं है। इन संस्थानों से शिक्षा प्राप्त कर बिहार में शिक्षक के पद पर कार्यरत लोगों की अब दोबारा गहन जांच शुरू कर दी गई है।

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बिहार शिक्षा समिति

निगरानी विभाग को सौंपी गई सूची

बिहार शिक्षा समिति के सचिव ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना को एक पत्र के माध्यम से इन 28 विश्वविद्यालयों की सूची सौंपी है। आदेश में कहा गया है कि इन संस्थानों से प्राप्त शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर जिन शिक्षकों की नियुक्ति हुई है, उनके विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (पटना) भभुआ में पदस्थापित इंस्पेक्टर जहांगीर अंसारी ने बताया कि वर्ष 2008 में ही इन विश्वविद्यालयों की मान्यता समाप्त कर दी गई थी, जिसकी अधिसूचना बिहार सरकार द्वारा जारी की जा चुकी है। इसके बावजूद इन संस्थानों से शिक्षा प्राप्त अभ्यर्थियों की नियुक्ति शिक्षा विभाग में की गई, जो नियमों के विरुद्ध है।

उन्होंने बताया कि फिलहाल बिहार के सभी जिलों में शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। कैमूर जिले में भी जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिन शिक्षकों के दस्तावेज इन 28 अमान्य विश्वविद्यालयों से जुड़े पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बिहार सरकार द्वारा अमान्य घोषित 28 विश्वविद्यालयों की सूची

1- मंदार विद्यापीठ, मंदार।
2- हिंदी विद्यापीठ देवघर।
3- गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार।
4- हिंदी विश्वविद्यालय इलाहाबाद।
5- प्रयाग महिला विद्यापीठ इलाहाबाद।
6- गुजरात विश्वविद्यालय अहमदाबाद।
7- राष्ट्रभाषा प्रचार समिति वर्धा।
8- आसाम राष्ट्रभाषा प्रसार समिति गुवाहाटी।
9- हिंदी प्रचार सभा, हैदराबाद।
10- बम्बई हिंदी विद्यापीठ बम्बई।
11- महाराष्ट्र भाषा सभा पुना।
12- मणिपुर हिंदी परिषद्, इम्फाल।
13- मैसूर हिंदी प्रचार परिषद्, बैंगलोर।
14- दक्षिण भारती हिंदी प्रचार सभा मद्रास।
15- काशी विद्यापीठ वाराणसी।
16- हिंदी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद।
17- हिंदुस्तानी प्रचार सभा मुंबई।
18- केरल हिंदी प्रचार सभा त्रिवेंद्रम।
19- कर्नाटक हिंदी प्रचार समिति बंगलौर।
20- कर्नाटक महिला हिंदी सेवा समिति बंगलौर।
21- उड़ीसा राष्ट्रभाषा परिषद्, पुरी।
22- सौराष्ट्र हिंदी प्रचार समिति राजकोट।
23- प्रयास महिला विद्यापीठ इलाहाबाद।
24- मिजोरम हिंदी प्रचार सभा आइजोल।
25- बम्बई हिंदी सभा प्रचार दादर, मुंबई।
26- बेलगांव विभागीय हिंदी सेवा शिक्षण समिति, हुबली (कर्नाटक)
27- हिंदी शिक्षा समिति, कटक (उड़ीसा)
28- हिंदी प्रचार संस्थान, जयपुर

निष्कर्ष

बिहार सरकार अब फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों पर नौकरी कर रहे शिक्षकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कानूनी कार्रवाई करने जा रही है। इस अभियान से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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