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10 मई को मिले सूटकेस कांड से जुड़ रहा मामला
पुलिस इस घटना को 10 मई को पनसेरवां दुर्गावती नदी से मिले दो सूटकेसों में बरामद शवों से जोड़कर देख रही है। उस मामले में भी शवों को टुकड़ों में काटकर फेंका गया था। अब तक कुल चार शव मिलने से जांच और भी पेचीदा हो गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चार शवों में से एक पुरुष, एक महिला और एक बच्चे की पहचान शवों के आधार पर होने की बात कही जा रही है, जबकि चौथे शव की पहचान अब भी नहीं हो सकी है। हालांकि आधिकारिक रूप से पुलिस ने किसी मृतक का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।
घटनास्थल से मिले कपड़े और आंगनबाड़ी ड्रेस
जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से बच्चे के कपड़े और सेविका की ड्रेस जैसी सामग्री भी बरामद हुई है। इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस आसपास के इलाकों में सत्यापन और पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शवों को हत्या के बाद यहां लाकर फेंका गया या कहीं और हत्या कर शवों के टुकड़े अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगाए गए।
यूपी के थानों तक पहुंची जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ प्रदीप कुमार पुलिस टीम के साथ उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती थानों में पहुंचकर गुमशुदगी के मामलों की जानकारी जुटा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों का संबंध बिहार के बाहर से भी हो सकता है।
गांव में फैली दहशत, रातभर जुटी रही भीड़
मंगलवार रात करीब सवा नौ बजे स्थानीय लोगों ने नहर पुलिया के पास रखी बोरियों से तेज दुर्गंध आने की सूचना पुलिस को दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची और बोरी खोली गई तो अंदर शवों के टुकड़े देखकर सभी सन्न रह गए। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और इलाके में भय का माहौल बन गया।
फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
एफएसएल टीम ने घटनास्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर आवश्यक नमूने एकत्र किए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही हत्या के तरीके, समय और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा हो सकेगा। एसडीपीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि शव कब और किसने वहां फेंके तथा दोनों घटनाओं के बीच क्या संबंध है। फिलहाल मृतकों की पहचान और आरोपियों तक पहुंचने के लिए कई टीमों को लगाया गया है।