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डीएसपी कार्यालय में लंबित कांडों की समीक्षा
मोहनियां अनुमंडल कार्यालय पहुंचने पर डीआईजी को पुलिस जवानों द्वारा सलामी दी गई। इस दौरान कैमूर पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ल, एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी और डीएसपी प्रदीप कुमार मौजूद रहे। डीआईजी ने डीएसपी कार्यालय की संचिकाओं और लंबित मामलों का अवलोकन किया। उन्होंने लंबित कांडों के शीघ्र निष्पादन, अपराधियों की गिरफ्तारी और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी थाना क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्ती जरूरी है और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी अभियान चलाया जाना चाहिए। डीआईजी ने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए सक्रिय अपराधियों की पहचान कर कार्रवाई जरूरी है। इससे आम लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा और अपराध पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।
सिरकटे शव मामले पर हुई विशेष चर्चा
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने एसपी और डीएसपी के साथ रामगढ़ थाना क्षेत्र में तीन दिनों के भीतर सूटकेस और बोरियों में मिले चार सिरकटे शवों के मामले पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि शवों की पहचान और अपराधियों तक पहुंचने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। एसएफएल टीम और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से जांच में जुटी हुई है।
उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड में शामिल अपराधियों या संदिग्धों की जानकारी देने वाले को 50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा और सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
डंपिंग प्वाइंट का किया निरीक्षण
डीएसपी कार्यालय निरीक्षण के बाद डीआईजी पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों के साथ रामगढ़ पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने पनसेरवां स्थित दुर्गावती नदी पुल के नीचे उस जगह का निरीक्षण किया, जहां सूटकेस में पैक कर दो सिरकटे शवों के टुकड़े फेंके गए थे। इसके बाद वे अभैदे गांव के समीप उत्तर विश्वकर्मा पंप नहर के पास पहुंचे, जहां एक महिला और एक बच्चे के सिरकटे शवों के चार हिस्से दो प्लास्टिक बोरों में भरकर फेंके गए थे। घटनास्थल पर डीआईजी ने पुलिस अधिकारियों से जांच की प्रगति की जानकारी ली और कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। हालांकि उन्होंने उद्भेदन की समय-सीमा स्पष्ट नहीं बताई।
पुलिस टीम जांच में जुटी
मौके पर डीएसपी प्रदीप कुमार, इंस्पेक्टर सुनील कुमार निर्झर, रामगढ़ थानाध्यक्ष हरिप्रसाद शर्मा समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों, सीसीटीवी फुटेज और लापता लोगों के रिकॉर्ड को खंगाल रही है।
कैमूर जिले में लगातार मिल रहे सिरकटे शवों की घटनाओं से लोगों में दहशत का माहौल है। वहीं पुलिस प्रशासन दावा कर रहा है कि जल्द ही इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।