1500 रुपए की लागत प्लास्टिक से पेट्रोल बनाने की मशीन में लगा है, विकास कुमार के इस प्रोजेक्ट में उनके प्रिंसिपल और शिक्षकों का अहम योगदान रहा है, जिले में साइंस विज्ञान मेला में विकास ने पहला स्थान लाकर अपने स्कूल के साथ-साथ अपने परिवार का भी नाम रोशन किया है, अब विकास कुमार राज्य स्तर पर अपने प्रदर्शन दिखाएंगे और उन्हें उम्मीद है कि उसमें भी अव्वल आएंगे हालांकि यह पहली बार होगा जब कैमूर में किसी ने प्लास्टिक से पेट्रोल बनाया है विकास कुमार का न्यू प्रोजेक्ट पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।