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रेल पुलिस के अनुसार, 21 नवंबर को कोडरमा–गया रेलखंड के बीच ट्रेन से करीब एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का सोना लूटे जाने की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह केस गया रेल थाना कांड संख्या 334/25 के तहत थानाध्यक्ष के अपने बयान पर दर्ज हुआ था। प्रारंभ में बीएनएस की संबंधित धाराएं लगाई गई थीं। हालांकि, जब इस मामले की जांच एसआईटी द्वारा की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में खुलासा हुआ कि लूट की जिस घटना का केस दर्ज कराया गया, उसी साजिश में खुद थानाध्यक्ष और उनके अधीनस्थ पुलिसकर्मी शामिल थे। इसके बाद वरीय अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी को निलंबित कर दिया।
इस कांड में शामिल चार सिपाही करण कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी, रंजय कुमार और आनंद मोहन पर भी लूट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) के तहत अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पुलिसकर्मी अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने में शामिल थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद सांसद की सूचना पर गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने पूरे मामले का खुलासा किया। रेल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस कांड से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।