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मामले की सूचना मिलने पर मोहनियां थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान सामने आया कि महिला और दो पुरुष ही राजकुमार को अस्पताल लेकर पहुंचे थे। पुलिस ने फुटेज और अन्य जानकारी के आधार पर महिला की पहचान अमेठ गांव निवासी बुधनी देवी के रूप में की। पुलिस के मुताबिक, बुधनी देवी ने मृतक के मोबाइल फोन से उसके परिजनों को घटना की जानकारी दी और इसके बाद मोबाइल लेकर वहां से चली गई। बाद में मोबाइल फोन बंद कर दिया गया।
परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप
घटना के बाद मृतक की पत्नी रानी देवी ने मोहनियां थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। प्राथमिकी में उक्त महिला पर राजकुमार शर्मा की हत्या का आरोप लगाया गया है। परिजनों का आरोप है कि राजकुमार और महिला के बीच लंबे समय से संबंध थे। परिजनों के अनुसार, राजकुमार मुंबई से मोहनियां पहुंचा था, जिसके बाद महिला उसे अपने मकान पर लेकर गई। वहां किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। परिजनों ने आरोप लगाया कि इसी दौरान महिला ने राजकुमार को विषाक्त पदार्थ दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
अस्पताल पहुंचाने के बाद छोड़कर चले गए
आरोप है कि राजकुमार की हालत बिगड़ने के बाद घटना को छिपाने के उद्देश्य से महिला दो अन्य लोगों के साथ उसे अनुमंडल अस्पताल लेकर पहुंची। चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद तीनों वहां से चले गए। मोहनियां थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि राजकुमार शर्मा की मौत के मामले में बुधनी देवी को गिरफ्तार कर रविवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



