Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
प्राधिकार पत्र मांगने पर खुली पोल
दोनों युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर आरपीएफ जवानों ने उनसे पूछताछ की और टीटीई के रूप में काम करने से संबंधित प्राधिकार पत्र मांगा। हालांकि, दोनों कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद आरपीएफ ने यात्रियों से भी पूछताछ की। बर्थ संख्या 55 और 56 पर यात्रा कर रहे यात्रियों ने बताया कि दोनों युवक खुद को टीटीई बताकर टिकट चेक कर रहे थे। कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर दोनों ने अपनी पहचान झारखंड के गढ़वा जिले के डंडई निवासी सुनील कुमार और रोहित कुमार के रूप में बताई।
तलाशी में मिले दो चोरी के मोबाइल
आरपीएफ ने दोनों युवकों की तलाशी ली तो सुनील कुमार के पास से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ के दौरान आरोपित ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि दोनों मोबाइल इसी ट्रेन में यात्रियों से चोरी किए गए थे। आरपीएफ निरीक्षक राज किशोर कछवाहा के अनुसार, वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त दिनेश सिंह तोमर के निर्देशन में स्टेशन परिसर और ट्रेनों में आपराधिक गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है। इसी अभियान के दौरान दोनों संदिग्धों को पकड़ा गया।
जीआरपी को सौंपे गए दोनों आरोपित
आरपीएफ ने बरामद मोबाइल फोन की जब्ती सूची तैयार करने के बाद दोनों युवकों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) को सौंप दिया। जीआरपी ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। आरपीएफ की इस कार्रवाई के बाद ट्रेन में यात्रियों से फर्जी टीटीई बनकर वसूली और चोरी करने वाले गिरोह की गतिविधियों को लेकर भी जांच की जा रही है।



