Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

- मुजफ्फरपुर में दस्तावेजी फर्जीवाड़े का खुलासा, UIDAI मशीन से लेकर क्लोन अंगूठे तक बरामद; दो गिरफ्तार
- युवती पर चाकू से हमला, प्रेम प्रस्ताव ठुकराने के बाद पीछा करने का आरोप; पुलिस ने शुरू की जांच
वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने अपने विधानपरिषद की सीट के रिनुअल होने के मुद्दे पर कहा कि इसकी परवाह उन्हें नहीं है हम तो संघर्ष करेंगे, मछुआरों को आरक्षण दिलाने की लड़ाई में तेजस्वी यादव का साथ लेने पर भी कोई गुरेज नहीं है उन्होंने कहा अगर छोटे भाई तेजस्वी साथ देंगे तो वह साथ लेने को तैयार है, वही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को अपना छोटा भाई बताने पर राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि एनडीए के सहयोगियों का भाजपा से मोहभंग हो रहा है, यह इसी का संकेत है एनडीए ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएगा, अभी तो ट्रेलर है असली पिक्चर बाकी है।
- मोहनियां अस्पताल में शव छोड़कर फरार होने के मामले में महिला गिरफ्तार, मृतक से संबंध होने की बात सामने आई
- ट्रेन से घर लौट रहे युवक की मोहनिया अस्पताल में मौत, शव छोड़कर महिला समेत तीन लोग फरार; CCTV से खुलेगा राज
एनडीए में शामिल रहने के बावजूद वीआईपी सुप्रीमो उत्तर प्रदेश चुनाव में अपनी पार्टी को लॉन्चिंग कर रहे हैं और उम्मीदवारों के लिए टिकट बांट रहे हैं, ऐसे वक्त में तेजस्वी यादव को छोटा भाई बोलने का बड़ा मतलब है, वीआईपी सुप्रीमो ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और साथ में दूसरी तरफ तेजस्वी से तल्खी वाले रिश्ते को भूल रहे हैं।
- शूटआउट के मुख्य आरोपी रामधनी यादव का अवैध घर ध्वस्त, प्रशासन ने चलाया बुलडोजर, डबल मर्डर केस के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
- ट्रेन लूट गिरोह का भंडाफोड़: तहखाने से मिला करोड़ों का सोना-चांदी, विदेशी करेंसी भी बरामद
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में तेजस्वी यादव के प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुकेश सहनी इसलिए उठ कर निकल गए थे क्योंकि उनकी पार्टी वीआईपी को मनमाफिक सीटें देने की घोषणा तेजस्वी ने नहीं की थी, इसे अगले दिन पर टाल दिया था तब मुकेश साहनी ने आरोप लगाया था कि एक अतिपिछड़ा नेता के पीठ में खंजर घोपा गया, इसके बाद वह एनडीए में चले गए और अब परिस्थितियां बदली हुई दिख रही है, तो वही सहनी अब तेजस्वी यादव को छोटा भाई बता रहे हैं।
- ज्ञान बिंदु एकेडमी निदेशक के भाई की नेपाल में मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
- सम्राट सरकार के 30 दिन: विकास, सख्ती और नई व्यवस्थाओं की सात बड़ी पहल

