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मोबाइल की जांच से खुला पासपोर्ट का कनेक्शन
जांच के दौरान साहिल के मोबाइल और ई-मेल की तकनीकी पड़ताल की गई। इसी क्रम में पासपोर्ट संख्या U2185640 से संबंधित जानकारी पुलिस के हाथ लगी। पुलिस के अनुसार, जांच में गलत सूचना और जाली दस्तावेजों के आधार पर एक बांग्लादेशी नागरिक के नाम से पासपोर्ट जारी कराए जाने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने मामले की कड़ी आगे बढ़ाते हुए सारण जिले के दरियापुर थाना क्षेत्र निवासी शिव कुमार पंडित के ठिकाने पर छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शिव कुमार पंडित ने बताया कि वह बोरिंग कैनाल रोड स्थित एक एजेंसी में आधार ऑपरेटर के रूप में काम करता था। उसके पास UIDAI मशीन का इस्तेमाल करने की सुविधा थी। पुलिस का दावा है कि जांच में मशीन और UIDAI सिस्टम को अन्य साइबर कैफे संचालकों तक उपलब्ध कराने से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है।
तीन मोबाइल और दो लैपटॉप समेत कई उपकरण जब्त
पुलिस कार्रवाई में कुल तीन मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, एक क्लोन थंब इम्प्रेशन, एक आइरिस स्कैनर, एक फिंगर स्कैनर और आठ मूल आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज एवं डिजिटल सामग्री बरामद की गई है। मामले में नगर थाना कांड संख्या 547/2026 दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनके आधार पर पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे। अपर पुलिस अधीक्षक नगर-01 सुरेश कुमार के अनुसार, मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।



