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ईवीएम पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस को घेरा
चिराग पासवान ने विपक्ष से पूछा कि जब विधान परिषद का चुनाव बैलेट पेपर से कराया गया, तब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया क्या थी? उन्होंने नागपुर की सीट पर आए चुनाव परिणाम का जिक्र करते हुए कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने बिहार और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति का हवाला देते हुए सवाल किया कि बिहार में कांग्रेस का आखिरी मुख्यमंत्री कब था? जिन राज्यों में कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता से बाहर रही, वहां चुनावी प्रक्रिया को लेकर उस समय इस तरह के सवाल क्यों नहीं उठाए गए? केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को राजनीतिक विवाद का विषय बनाकर जनता का ध्यान भटकाने के साथ सरकारी संसाधनों और समय को भी बर्बाद कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और वह हर राजनीतिक गतिविधि पर नजर रखती है।
व्यापारियों की समस्याएं सुनने का किया दावा
प्रेस वार्ता के दौरान चिराग पासवान ने व्यापारिक संगठनों के साथ पार्टी के संवाद कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी विभिन्न व्यापार संघों के प्रतिनिधियों से लगातार संपर्क में रहती है। इस दौरान व्यापारियों की समस्याओं, मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुना जाता है। उन्होंने बताया कि व्यापारिक संगठनों से मिलने वाले सुझावों और शिकायतों के आधार पर संबंधित समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रयास किए जाते हैं। उनके मुताबिक, व्यापारी वर्ग के साथ संवाद स्थापित करना पार्टी की नियमित संगठनात्मक गतिविधियों का हिस्सा है।
सांसदों समेत कई नेता रहे मौजूद
भागलपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा, भागलपुर के सांसद अजय मंडल सहित लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान चिराग पासवान ने विपक्ष की राजनीति, चुनावी प्रक्रिया और व्यापारिक संगठनों के साथ पार्टी के संवाद को लेकर अपनी बात रखी।



