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जानकारी के अनुसार महिला थाना पुलिस, सूरज कुमार नामक युवक की गिरफ्तारी के लिए वार्ड 14 पहुंची थी। सूरज की पत्नी द्वारा पूर्व में थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस जब आरोपी को खोज रही थी, तब आसपास के कुछ घरों में भी तलाशी ली गई। इसी दौरान स्थानीय निवासी भोला राम की पत्नी गुड़िया देवी ने पुलिस से सवाल किया कि दूसरे के मामले में उनके घर की तलाशी क्यों ली जा रही है।
आरोप है कि इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और महिला दारोगा चन्द्र प्रभा तथा पुलिसकर्मियों ने गुड़िया देवी के साथ मारपीट की। परिजनों का कहना है कि महिला आठ माह की गर्भवती है और धक्का लगने से गिर पड़ी, जिससे उसे चोटें आईं। घटना के बाद मोहल्ले की कई महिलाओं ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।
मामले की जानकारी मिलने पर बीएसपी नेता एवं सासाराम लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी संतोष राम भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिला दारोगा पर दलित परिवारों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कैमूर एसपी से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। फिलहाल पूरे मामले को लेकर दोनों पक्षों ने अलग-अलग दावे किए हैं। पुलिस और स्थानीय लोगों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब सबकी नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी हुई है।