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ट्रैक्टर अत्यधिक लोडेड था और उसे चालक द्वारा लापरवाहीपूर्वक चलाया जा रहा था। उनके अनुसार उनका 11 वर्षीय पुत्र शैश अंसारी तथा गांव के ही बबुआ धोबी का 14 वर्षीय पुत्र शेचन अली ट्रैक्टर पर मजदूरी कर रहे थे और वाहन पर ही बैठे हुए थे। आरोप है कि ओवरलोड ट्रैक्टर नौघरा और खरौडा के बीच नहर के पास अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में दोनों बच्चे ट्रैक्टर के नीचे दब गए। इसी दौरान ट्रैक्टर में आग लग गई, जिससे दोनों बच्चे बाहर नहीं निकल सके और आग की चपेट में आकर उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे हुए इस हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई थी। आग इतनी भीषण थी कि दोनों बच्चों के शव बुरी तरह जल गए। बताया जा रहा है कि शवों का केवल कुछ हिस्सा ही सुरक्षित बच पाया है।
मामले की जानकारी देते हुए चैनपुर थानाध्यक्ष विजय प्रसाद ने बताया कि दोनों बच्चों की मौत ट्रैक्टर पलटने और उसके बाद लगी आग के कारण हुई है। शवों की स्थिति अत्यंत खराब होने के कारण पहचान और अन्य कानूनी प्रक्रिया के लिए पोस्टमार्टम के साथ डीएनए जांच भी कराई जाएगी। न्यायालय से आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए पटना भेजा गया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मृतक बच्चे की मां के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।