Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने उन्हें यह कहकर बाहर के अस्पताल ले जाने की सलाह दी कि मरीज का ब्लड प्रेशर लो हो गया है। परिजन जब महिला को लेकर रेफरल अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि मृतका गर्भवती भी थी। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया। अधिकारियों के अनुसार जांच के लिए अस्पताल से दवाओं और इंजेक्शन के सैंपल भी जब्त किए गए हैं।
जांच के दौरान पता चला कि अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित किया जा रहा था और संचालक वैध चिकित्सकीय प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे जांच जारी है।स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में झोलाछाप चिकित्सकों का जाल फैला हुआ है। पिछले वर्ष भी गलत इंजेक्शन देने के कारण एक निजी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आया था, जिसके बाद उस अस्पताल को भी सील किया गया था। इसके बावजूद अवैध क्लीनिक और अस्पतालों के संचालन पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है।