Home रामगढ़ झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन के बाद महिला की मौत, अस्पताल सील

झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन के बाद महिला की मौत, अस्पताल सील

रामगढ़ में झोलाछाप डॉक्टर का इंजेक्शन बना जानलेवा, महिला की मौत के बाद अस्पताल सील

Bihar: कैमूर जिले के रामगढ थाना क्षेत्र के गोड़सरा गांव में संचालित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेज बुखार से पीड़ित महिला को इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई।

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NS Newsघटना के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए तथा अस्पताल परिसर में हंगामा करने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया और अस्पताल चला रहे कथित झोलाछाप चिकित्सक अरुण शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। मृतका की पहचान मोहनिया थाना क्षेत्र के भोखरी पंचायत अंतर्गत दियॉं गांव निवासी रुबी कुमारी के रूप में हुई है। महिला के पति धर्मेंद्र पासवान ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि सोमवार की रात पत्नी को तेज बुखार होने पर वे उसे इलाज के लिए गोड़सरा गांव स्थित निजी अस्पताल लेकर गए थे। वहां मौजूद चिकित्सक ने एक इंजेक्शन लगाया, जिसके कुछ देर बाद ही महिला की हालत बिगड़ने लगी।

परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने उन्हें यह कहकर बाहर के अस्पताल ले जाने की सलाह दी कि मरीज का ब्लड प्रेशर लो हो गया है। परिजन जब महिला को लेकर रेफरल अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि मृतका गर्भवती भी थी। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया। अधिकारियों के अनुसार जांच के लिए अस्पताल से दवाओं और इंजेक्शन के सैंपल भी जब्त किए गए हैं।

जांच के दौरान पता चला कि अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित किया जा रहा था और संचालक वैध चिकित्सकीय प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे जांच जारी है।स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में झोलाछाप चिकित्सकों का जाल फैला हुआ है। पिछले वर्ष भी गलत इंजेक्शन देने के कारण एक निजी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आया था, जिसके बाद उस अस्पताल को भी सील किया गया था। इसके बावजूद अवैध क्लीनिक और अस्पतालों के संचालन पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है।

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