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शादी के कुछ समय बाद ही सास, ससुर और अन्य परिजनों द्वारा उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। लगातार अपमानित करने और घर से निकालने की धमकी देने की बात भी कही गई है। महिला के अनुसार, इस मामले को लेकर कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इस दौरान उसने एक पुत्री को जन्म दिया, लेकिन प्रताड़ना से तंग आकर उसे मायके लौटना पड़ा। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उसकी बेटी को जबरन अपने पास रख लिया, जिसे वापस दिलाने के लिए न्यायालय में मामला भी चल रहा है।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि ससुराल वालों ने उसका बक्सा तोड़कर उसमें रखे गहने और जरूरी कागजात निकाल लिए। इन दस्तावेजों के अभाव में उसे कई जरूरी कामों में परेशानी हो रही है। जब उसने अपने पिता को कागजात लेने के लिए भेजा, तब भी ससुराल पक्ष ने उन्हें वापस नहीं किया। पीड़िता ने यह भी बताया कि पति द्वारा उसे किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं दी जा रही है, जिससे उसे गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में चैनपुर थानाध्यक्ष विजय प्रसाद ने बताया कि महिला के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।