Bihar, Kaimur: कैमूर जिले के जिला समाहरणालय में गुरुवार को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं—प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) एवं प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना—के अंतर्गत स्वीकृति एवं भुगतान की अद्यतन स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
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बैठक में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, उद्योग विस्तार पदाधिकारी, सभी बैंकों के जिला समन्वयक, शाखा प्रबंधक, जिला संसाधन सेवी तथा ऋण आवेदक उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत 70 के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 46 आवेदनों को स्वीकृति दी गई है, जबकि केवल 11 मामलों में ही भुगतान किया गया है। योजना की आवेदकवार समीक्षा में यह भी सामने आया कि विभिन्न बैंकों द्वारा कुल 168 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं।
अस्वीकृत आवेदनों में सर्वाधिक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के 73 आवेदन शामिल हैं। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक द्वारा 43, बिहार ग्रामीण बैंक द्वारा 19, बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 17, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 5 तथा इंडियन बैंक द्वारा 2 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं।
बैंकों द्वारा बड़ी संख्या में आवेदनों को अस्वीकृत किए जाने एवं उनके स्पष्ट कारण नहीं बताए जाने पर जिला पदाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। डीएम ने संबंधित बैंकों के शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिया कि वे आगामी समीक्षा बैठक में अस्वीकृत एवं लंबित आवेदनों के वास्तविक कारणों के साथ स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दें।
बैठक के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा ने इस सप्ताह 2 नए आवेदनों की स्वीकृति, जबकि महेशुआ शाखा से 1 एवं चैनपुर शाखा से 1 आवेदन की स्वीकृति का आश्वासन दिया। वहीं बिहार ग्रामीण बैंक की पुसौली शाखा से 1, भभुआ शाखा से 1 तथा छांव शाखा से 1 ऋण आवेदन को स्वीकृत करने का भरोसा दिलाया गया।
इसके अलावा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत सभी बैंकों को निर्देश दिया गया कि वे अगली समीक्षा बैठक से पूर्व निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा करें।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और योग्य आवेदकों को समय पर लाभ पहुंचाना बैंकों की जिम्मेदारी है।