Bihar | कैमूर: जिले में जंगली सुअर और घोड़पारस (नीलगाय) द्वारा फसलों को लगातार हो रही भारी क्षति को लेकर अब किसानों को बड़ी राहत मिलने वाली है। किसानों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने फसल क्षति पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। राज्य सरकार के निर्देश पर इन वन्य जीवों के नियंत्रण हेतु ऑनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है, वहीं किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था भी की गई है।
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प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार किसान संबंधित पंचायत सरकार भवन में जाकर ऑफलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। अब तक जिले से कुल 404 घोड़पारस (नीलगाय) और 120 जंगली सुअर के नियंत्रण के लिए आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। प्राप्त आवेदनों के आधार पर पंचायती राज कार्यालय, कैमूर द्वारा संबंधित विभाग से प्रशिक्षित शूटर की मांग की गई है।
बताया गया है कि हैदराबाद से आने वाले वन विभाग में पंजीकृत और प्रशिक्षित शूटर 26 जनवरी के बाद कैमूर जिले में पहुंचेंगे। ये शूटर निर्धारित सरकारी दिशा-निर्देशों और सुरक्षा मानकों के तहत जंगली सुअर एवं नीलगाय के नियंत्रण की कार्रवाई करेंगे, ताकि किसानों की फसलों को हो रही क्षति पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही आवेदन करें और किसी भी प्रकार की अवैध या अनधिकृत कार्रवाई से बचें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी कार्रवाई सरकार द्वारा तय नियमों के तहत पारदर्शी तरीके से की जाएगी।
जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि किसानों की फसलों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और जंगली जानवरों से हो रही समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।