कैमूर (भभुआ): कैमूर जिले के बेलांव थाना क्षेत्र अंतर्गत तीन दिन से लापता 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी का शव गांव के ही एक कुएं से बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई है। परिजनों ने किशोरी की हत्या कर शव कुएं में फेंकने की आशंका जताई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है, जबकि शव को पोस्टमार्टम के लिए पटना भेज दिया गया है।
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मृतका की पहचान बेलांव थाना क्षेत्र के नौहट्टा गांव निवासी अशोक पासवान की 14 वर्षीय पुत्री प्रियंका कुमारी के रूप में की गई है। घटना की जानकारी मिलने पर भभुआ नगर परिषद के सभापति विकास तिवारी उर्फ बब्लू तिवारी भी सदर अस्पताल पहुंचे और पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई।
तीन दिन से थी लापता, कुएं से मिला शव
मृतका के पिता अशोक पासवान ने बताया कि 12 जनवरी 2026 को वह अपनी पत्नी के साथ रोहतास जिले के कोचस थाना क्षेत्र के सतसा गांव में रिश्तेदार के यहां श्राद्ध कार्यक्रम में गए थे। उसी दिन शाम को घर लौटने पर उन्होंने अपनी बेटी को घर में नहीं पाया। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन की गई, लेकिन किशोरी का कहीं पता नहीं चला।
इसके बाद अगली सुबह बेलांव थाना प्रभारी को बेटी के लापता होने की सूचना देकर खोजबीन के लिए आवेदन दिया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी का नतीजा रहा कि 15 जनवरी की शाम नौहट्टा गांव स्थित उत्तर कुएं से प्रियंका का शव बरामद किया गया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव के पास से मृतका का मोबाइल फोन बरामद किया। शव को कुएं से बाहर निकालकर भभुआ सदर अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक जांच के बाद चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम के लिए पटना भेज दिया।
हत्या की आशंका, युवक पर शक
मृतका के पिता ने आशंका जताते हुए कहा कि उनकी बेटी से सबार थाना क्षेत्र के बहेरी गांव निवासी नंदू बिंद का बेटा अक्सर मोबाइल पर बात करता था। उन्हें शक है कि उसी युवक द्वारा प्रियंका की हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया गया है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष और सख्त जांच की मांग की है।
नप सभापति का प्रशासन पर हमला
घटना की सूचना पर पहुंचे भभुआ नगर परिषद सभापति विकास तिवारी उर्फ बब्लू तिवारी ने पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कैमूर जिले में आए दिन हत्या और बलात्कार जैसी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं होने से अपराधियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन तत्परता और गंभीरता से काम करता तो शायद यह दर्दनाक घटना नहीं होती। उन्होंने प्रशासन से सुस्ती छोड़कर सख्त कार्रवाई करने और अपराध पर प्रभावी रोक लगाने की अपील की, अन्यथा जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।