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जवान की पत्नी ने कहा- पति अस्पताल में जिंदगी से जूझ रहे
जवान की पत्नी बिंदु कुमारी ने बताया कि उनके पति का लखनऊ स्थित आर्मी अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। उनका कहना है कि घटना के बाद उन्होंने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी थी। इसके बावजूद हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिए जाने से परिवार और ग्रामीणों में असंतोष है। पत्नी के अनुसार एसपी ने आरोपियों के संबंध में जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने अधिकारियों से मामले की गहराई से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जमीन विवाद से जोड़कर देखा जा रहा मामला
ग्रामीणों ने बताया कि जवान का वाराणसी में जमीन खरीद को लेकर रामगढ़ के विरेन्द्र सिंह यादव से पुराना विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद और रुपये के लेन-देन के बहाने बुधवार की अहले सुबह जवान को रामगढ़ बुलाया गया था। इसके बाद उसे स्कॉर्पियो में बंद कर आग लगाने का प्रयास किया गया। घटना के बाद अधजली स्कॉर्पियो लेकर तीन लोग रामगढ़ थाना पहुंचे थे, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने जताया संदेह
पुलिस की ओर से बताया गया कि जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज में जवान को अकेले स्कूटी से वार्ड संख्या एक की ओर जाते और बाद में बाउंड्री फांदकर एक परिसर में प्रवेश करते देखा गया है। इसी आधार पर पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं आग लगाने की घटना में जवान की अपनी भूमिका तो नहीं थी। हालांकि जवान की पत्नी और ग्रामीण इस पुलिसिया जांच से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि घटनास्थल के आसपास कई अन्य सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और पूरी रात की फुटेज की जांच किए बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
जले कपड़े और लाइटर मिलने का ग्रामीणों ने दिया हवाला
ग्रामीणों ने दावा किया कि घटनास्थल से जले हुए शर्ट के टुकड़े और लाइटर मिलने की बात सामने आई है। उनका कहना है कि इन साक्ष्यों को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने अधिकारियों से सभी उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को एक साथ रखकर जांच कराने की मांग की।
24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे रामगढ़ थाना का घेराव करेंगे और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
पुलिस बोली- सभी पहलुओं की हो रही जांच
वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच किसी एक पक्ष के आरोप के आधार पर नहीं, बल्कि तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी और यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।