Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

शादी में 20 लाख खर्च करने के बावजूद अतिरिक्त दहेज मांगने का आरोप
जानकारी के अनुसार, भभुआ नगर के वार्ड संख्या 18 निवासी दीपक कुमार के पुत्र रिशु कुमार ने रामगढ़ थाने में लिखित आवेदन देकर अपनी बहन सिल्की कुमारी की मौत के मामले में ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदन में बताया गया है कि सिल्की कुमारी की शादी 9 फरवरी 2022 को रामगढ़ निवासी गोपाल प्रसाद जायसवाल के पुत्र विपिन जायसवाल के साथ हुई थी। विवाह के दौरान मायके पक्ष की ओर से करीब 20 लाख रुपये के उपहार दिए गए थे। इसके बावजूद शादी के बाद से ही अतिरिक्त दहेज के रूप में पांच लाख रुपये नकद और चारपहिया वाहन की मांग की जाने लगी। मृतका के भाई का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उसकी बहन को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
मौत से पहले भाई को फोन कर जताई थी अनहोनी की आशंका
इस मामले में सबसे गंभीर आरोप मृतका की ओर से मौत से पहले किए गए फोन को लेकर सामने आया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, 20 अक्टूबर को उसकी बहन सिल्की कुमारी ने फोन कर बताया था कि ससुराल के लोग उसकी हत्या की योजना बना रहे हैं और उसे कमरे में बंद कर दिया गया है। भाई का आरोप है कि इसी बीच उसकी बहन की हत्या कर दी गई। हालांकि, महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और वह छत से कैसे गिरी, यह पुलिस की जांच का विषय है।
पति सहित परिवार के छह सदस्यों को बनाया गया आरोपी
मृतका के भाई ने अपने आवेदन में पति विपिन जायसवाल, ससुर गोपाल प्रसाद जायसवाल, देवर संदीप जायसवाल, सास सरस्वती देवी, देवरानी निशा जायसवाल तथा ननद चांदनी देवी पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या में संलिप्त होने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर रामगढ़ थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की कार्रवाई में तीन गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच
रामगढ़ थानाध्यक्ष के अनुसार, मृतका के भाई के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए आरोपी पति विपिन जायसवाल, सास सरस्वती देवी और देवर संदीप जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। महिला की मौत के मामले में दहेज हत्या के आरोप सामने आने के बाद घटना की जांच का दायरा बढ़ गया है। अब पुलिस की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाहिता की मौत दुर्घटनावश छत से गिरने के कारण हुई थी या इसके पीछे कोई आपराधिक घटना थी। फिलहाल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की सत्यता और घटना की वास्तविक वजह का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।