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घटना के दो दिन बाद, 24 मई को युवक के पिता सतवन राम ने चैनपुर थाना में आवेदन देकर गांव के ही शिवानंद कुमार और मुनेश्वर राम पर पुत्र को गायब करने का आरोप लगाया। आवेदन में बताया गया था कि घटना से एक दिन पूर्व आरोपितों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। साथ ही खोजबीन के दौरान नहर के समीप युवक की चप्पल और टूटा हुआ मोबाइल मिलने से परिजनों की आशंका और बढ़ गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तत्काल सक्रिय हुई। नवपदस्थापित एसडीपीओ ओमप्रकाश, चैनपुर थानाध्यक्ष विजय प्रसाद तथा इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर विभिन्न पहलुओं पर जांच की।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि युवक का कथित अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि वह स्वयं घर छोड़कर चला गया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रविवार सुबह उसे दुर्गावती क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया। थानाध्यक्ष विजय प्रसाद ने बताया कि युवक के गायब होने के संबंध में परिजनों द्वारा गांव के कुछ लोगों पर अपहरण का आरोप लगाया गया था, लेकिन जांच में अपहरण की बात सही नहीं पाई गई। युवक को बरामद कर चैनपुर थाना लाया गया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत उसका न्यायालय में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, युवक के बयान और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले के खुलासे के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।