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आरोप है कि इसी दौरान महिला ने मौका पाकर युवती का स्नान करते समय बाथरूम में वीडियो बना लिया। बाद में वह अपने घर लौट गई। दिसंबर 2025 में कथित वीडियो युवती के मोबाइल पर भेजकर रुपये की मांग की गई। वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी मिलने के बाद युवती और उसके परिजन काफी भयभीत हो गए। लोकलाज के डर से परिवार ने कथित तौर पर दिसंबर में ही करीब चार लाख रुपये दे दिए। लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी रुपये की मांग जारी रही। पीड़ित परिवार के अनुसार, ब्लैकमेलिंग के दबाव में युवती ने अपने बैंक खाते के अलावा अपने पिता और दादी के खातों से भी रुपये ट्रांसफर किए। कई बार साइबर कैफे के माध्यम से भी भुगतान कराया गया। परिवार का दावा है कि अलग-अलग खातों और माध्यमों से 56 लेन-देन में करीब 25 लाख रुपये भेजे गए। इतनी बड़ी रकम दिए जाने के बावजूद कथित रूप से मांग जारी रही, जिसके बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत करने का निर्णय लिया।
मामला थाने पहुंचने के बाद युवती ने पुलिस को कथित वीडियो फुटेज के साथ रुपये भेजे जाने से संबंधित बैंक लेन-देन का रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराया है। इन दस्तावेजों के आधार पर पुलिस अब पैसों के पूरे ट्रेल की जांच कर रही है। हवेली खड़गपुर के प्रभारी थानाध्यक्ष संजीव कुमार के अनुसार, घटनास्थल का जायजा लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आरोपित और शिकायतकर्ता के मोबाइल से संबंधित क्यूआर कोड, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। बैंक खातों के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रकम किन-किन खातों में पहुंची। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कथित ब्लैकमेलिंग में नामजद महिला के अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। जिन बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर हुए हैं, उनके धारकों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



