Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
दरवाजा खोलते ही सामने खड़े थे हथियारबंद लोग
तेनौरा गांव निवासी कालिका उपाध्याय के पुत्र मर्याद उपाध्याय ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि वह अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान गांव के सिरी सिंह यादव, राम प्रवेश सिंह यादव, अविनाश कुमार और गौरव कुमार सहित पांच अज्ञात लोग उनके दरवाजे पर पहुंचे और दरवाजा खटखटाने लगे। पीड़ित के अनुसार, जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला, सामने मौजूद लोगों के हाथों में राइफल, देसी कट्टा और लाठी-डंडे दिखाई दिए। आरोप है कि इसके बाद सभी लोग गाली-गलौज करने लगे।
राइफल सीने से सटाने का लगाया आरोप
आवेदन में मर्याद उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान सिरी सिंह यादव ने अपने हाथ में मौजूद राइफल उनकी छाती से सटा दी। इसी बीच एक व्यक्ति द्वारा जान से मारने के लिए ललकारे जाने का भी आरोप लगाया गया है। स्थिति को गंभीर देखते हुए पीड़ित ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे। आवेदन के मुताबिक, परिवार के लोगों ने धक्का-मुक्की करते हुए किसी तरह मकान का मुख्य दरवाजा बंद किया, जिसके बाद पीड़ित पक्ष अपनी जान बचा सका।
जाते समय धमकी देने का भी आरोप
पीड़ित ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि मौके से जाते समय आरोपितों ने जान से मारने की धमकी दी। साथ ही परिवार के सदस्यों की हत्या या अपहरण किए जाने की आशंका भी जताई गई है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना के संबंध में चैनपुर थाने में चार नामजद और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि प्राप्त आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। पुलिस आरोपों की सत्यता और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।



