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दरअसल कुछ समय पहले प्रशासन ने अभियान चलाकर सड़क किनारे लगे अतिक्रमण को हटाया था। इस दौरान चैनपुर के सीओ अनिल प्रसाद सिंह, बीडीओ शुभम प्रकाश और नगर पंचायत हाटा की कार्यपालक पदाधिकारी प्रतीक्षा प्रजापति की मौजूदगी में कई दुकानों को हटाया गया था और कुछ दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया गया था। हालांकि कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद फिर से सड़क किनारे ठेले और दुकानें लगने लगीं, जिससे स्थिति पहले जैसी हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम की समस्या में ई-रिक्शा चालकों की भी बड़ी भूमिका है। कई चालक मुख्य सड़क पर ही वाहन खड़ा कर सवारी का इंतजार करते हैं, जिससे सड़क संकरी हो जाती है और जाम की स्थिति बन जाती है। नगर पंचायत हाटा के अध्यक्ष रमेश जायसवाल ने पहले बताया था कि जाम की स्थायी समस्या का समाधान तभी संभव है जब सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाए और अतिक्रमण पूरी तरह हटाया जाए।
इसके लिए सड़क चौड़ी करने और बीच में डिवाइडर बनाने की योजना भी तैयार की गई थी। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखकर ट्रैफिक पुलिस की मांग भी की गई है। इधर नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी प्रतीक्षा जायसवाल ने बताया कि अस्थायी अतिक्रमण के कारण यह समस्या बार-बार पैदा हो रही है। होली से पहले भी अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया था और दुकानदारों को नाली के इस पार दुकान नहीं लगाने की चेतावनी दी गई थी। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर भभुआ अनुमंडल पदाधिकारी से भी बात की गई है और जल्द ही अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच ईद के पर्व को देखते हुए बाजार में लोगों की भीड़ बढ़ गई है, जिससे जाम की समस्या और अधिक गंभीर हो गई है। स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिल सके।