Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

आरोप है कि बातचीत के दौरान उप प्रमुख ने अपर समाहर्ता, कैमूर द्वारा पारित आदेश के अनुपालन को रोकने की बात कही। सीओ के अनुसार, आदेश का पालन नहीं रोकने पर गंभीर परिणाम भुगतने, मुकदमा करने और अन्य प्रकार की धमकियां दी गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे कार्यालय का माहौल प्रभावित हुआ और आम लोगों के कार्य भी बाधित हुए। प्राथमिकी में उल्लेख किया गया है कि विवाद एक भूमि मामले से जुड़ा है। अपर समाहर्ता, कैमूर द्वारा मौजा सिसुं, थाना संख्या-332, खाता संख्या-69 के कुछ खेसरों से संबंधित जमाबंदी को निरस्त करने का आदेश जारी किया गया था। साथ ही अंचलाधिकारी को सरकारी अभिलेख और ऑनलाइन पोर्टल में आवश्यक सुधार करते हुए राजस्व वसूली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था।
सीओ के अनुसार, बातचीत के दौरान उप प्रमुख ने कहा कि उक्त आदेश के खिलाफ समाहर्ता न्यायालय में अपील दायर की गई है और न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त है। हालांकि, कार्यालय में किसी प्रकार के स्थगन आदेश की प्रति प्रस्तुत नहीं की गई। आवेदन में यह भी कहा गया है कि संबंधित भूमि विवाद में उप प्रमुख प्रत्यक्ष पक्षकार नहीं हैं। रामगढ़ थाना अध्यक्ष सुमीत कुमार ने बताया कि अंचलाधिकारी के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।