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जानकारी के अनुसार महुला गांव निवासी महेंद्र प्रसाद सिंह ने वर्ष 2025-26 में खाता संख्या 234, खेसरा संख्या 614, रकबा 14 डिसमिल सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किए जाने की शिकायत अंचल कार्यालय में दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर राजस्व न्यायालय में वाद चलाया गया। सुनवाई के बाद न्यायालय द्वारा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश पारित किया गया। चैनपुर अंचलाधिकारी अनिल प्रसाद सिंह ने बताया कि संबंधित भूमि अनावाद सर्वसाधारण गड़ही के रूप में दर्ज है। बरसात के दिनों में इस गड़ही में वर्षा का पानी जमा होता था, लेकिन समय के साथ कुछ लोगों ने गड़ही को भरकर उस पर कब्जा कर लिया और मकान बना लिए।
प्रशासनिक जांच में पाया गया कि मुन्ना पासवान, निर्मल पासवान, राजेश पासवान, राजेंद्र पासवान, जितेंद्र पासवान तथा अनिल पासवान सहित अन्य लोगों ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया था। इनमें पांच लोगों ने पक्का मकान और बाउंड्रीवाल का निर्माण कर लिया था, जबकि दो लोगों ने कच्चे मकान बना रखे थे। राजस्व न्यायालय के आदेश के बाद शनिवार दोपहर अंचल प्रशासन और चैनपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन से सभी अवैध निर्माणों को हटाया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। अंचलाधिकारी ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के बाद पूरी 14 डिसमिल सरकारी भूमि को प्रशासन के कब्जे में ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।