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परिजनों के अनुसार, रिंकू की तबीयत पिछले कुछ समय से खराब चल रही थी। कुछ लोगों की सलाह पर उसकी मां दुलारी देवी अपने बच्चों के साथ झाड़-फूंक कराने के लिए उस्मान कोटी मजार पहुंची थीं। रविवार की रात करीब तीन बजे रिंकू को जहरीले सांप ने डंस लिया। सर्पदंश के बाद परिजन बच्चे को लेकर उत्तर प्रदेश के अमंवा स्थित सती माई स्थान पर झाड़-फूंक कराने पहुंचे। वहां काफी देर तक झाड़-फूंक किए जाने के बावजूद बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद झाड़-फूंक करने वाले व्यक्ति ने बच्चे को मृत बताया।
परिजन इसके बाद भी बच्चे के जीवित होने की उम्मीद में चैनपुर थाना क्षेत्र के भुवालपुर गांव स्थित शिव मंदिर पहुंचे और वहां भी झाड़-फूंक कराने का प्रयास किया। वहां मौजूद लोगों ने भी बच्चे को मृत बताया। इसके बाद परिजन शव को अपने गांव मेउरा ले गए। मृतक की मां दुलारी देवी ने बताया कि उनके छह बच्चों में तीन पुत्रियां और तीन पुत्र हैं। रिंकू सबसे छोटा पुत्र था। उसके पिता विजय साह दूसरे राज्य में मजदूरी करते हैं। अचानक हुई इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश के मामलों में झाड़-फूंक पर निर्भरता और समय पर चिकित्सकीय उपचार नहीं मिलने को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तत्काल अस्पताल ले जाकर चिकित्सकीय उपचार कराया जाना चाहिए। जागरूकता के अभाव में अंधविश्वास के कारण लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।