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एटीएस को गुप्त सूचना मिली थी कि मुजफ्फरपुर के बोचहा प्रखंड अंतर्गत गरहा थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव का रहने वाला एक युवक विदेशी नेटवर्क के संपर्क में रहकर संवेदनशील जानकारियां साझा कर रहा है। सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में मो. मुस्तफा को हिरासत में लिया गया। बताया गया है कि वह मो. सागीर का पुत्र है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्स के जरिए पाकिस्तान के कुख्यात हथियार तस्कर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी राणा हुनैन के संपर्क में था। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी भारत के संवेदनशील स्थलों से जुड़ी तस्वीरें, वीडियो और लोकेशन संबंधी जानकारियां साझा कर रहा था।
एटीएस की तकनीकी जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। मोबाइल में मौजूद डिलीट डेटा, चैट बैकअप और विभिन्न मैसेजिंग एप्स की पड़ताल में विदेशी हैंडलर्स से लगातार संपर्क के संकेत मिले हैं। एजेंसियों को कुछ संवेदनशील इलाकों के वीडियो और तस्वीरें भी मिली हैं, जिनकी जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी प्रतिबंधित और रणनीतिक महत्व वाले क्षेत्रों की जानकारी पाकिस्तानी नेटवर्क तक पहुंचाने का काम कर रहा था। फिलहाल एटीएस उसकी कॉल डिटेल, सोशल मीडिया गतिविधियों, यात्रा इतिहास, वित्तीय लेनदेन और अन्य संपर्कों की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा विदेशी फंडिंग के जरिए किस तरह देश विरोधी गतिविधियों को संचालित किया जा रहा था। मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा और जासूसी से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है। इस संबंध में मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए जांच जारी रहने की बात कही है।