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पूर्णिया में ‘नटवरलाल’ रोहित का बड़ा ठगी नेटवर्क उजागर, एयरपोर्ट से भरोसा जीतकर डॉक्टर को लाखों के जेवर से लगाया चूना

पूर्णिया में नटवरलाल रोहित वाजपेयी का ठगी नेटवर्क उजागर, डॉक्टर से लाखों के जेवर लेकर फरार

Bihar: पूर्णिया, देश के कई शहरों में ठगी की घटनाओं को अंजाम देने के बाद एक शातिर ठग रोहित वाजपेयी ने पूर्णिया में भी अपना जाल फैलाकर लोगों को निशाना बनाया। इस बार उसने शहर के एक वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ को अपनी चाल में फंसाकर भरोसा जीता और लाखों रुपये के जेवर लेकर फरार हो गया। मामले में डॉक्टर की शिकायत पर सहायक खजांची थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।  प्राथमिकी के अनुसार रोहित वाजपेयी ने खुद को पूर्णिया एयरपोर्ट से जुड़ा अधिकारी बताते हुए डॉक्टर से संपर्क बनाया। पहली बार वह 21 फरवरी को इलाज के बहाने डॉक्टर के पास पहुंचा। बातचीत के दौरान उसने एयरपोर्ट में अपने प्रभाव का दावा किया और सस्ती दर पर हवाई टिकट उपलब्ध कराने की बात कही। डॉक्टर के परिचितों ने भी रोहित के बारे में सकारात्मक बातें बताईं, जिससे उसका भरोसा और मजबूत हो गया।
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कुछ ही दिनों में रोहित ने डॉक्टर का विश्वास पूरी तरह जीत लिया। एक मार्च 2026 को जब डॉक्टर अपनी पत्नी के साथ हैदराबाद होते हुए गोवा की यात्रा पर जा रहे थे, तब एयरपोर्ट पर एक कर्मचारी ने उन्हें विशेष तौर पर रिसीव किया। उस कर्मचारी ने एयरपोर्ट की प्रक्रिया तेजी से पूरी करवाई और रोहित की काफी तारीफ भी की। इस घटना के बाद डॉक्टर को लगा कि रोहित सच में प्रभावशाली व्यक्ति है।
इसके बाद रोहित ने छह मार्च को डॉक्टर का दिल्ली का हवाई टिकट बेहद कम कीमत पर बनवाकर उनका भरोसा और मजबूत कर लिया। इसी दौरान बातचीत में डॉक्टर ने उससे पूछा कि हवाई यात्रा में कितने सोने के गहने ले जा सकते हैं। रोहित ने मौके का फायदा उठाते हुए कहा कि वह अपने पायलट के माध्यम से सुरक्षित तरीके से गहने बंगलौर भिजवा सकता है। डॉक्टर ने अपनी बेटी के लिए रखे गहने भेजने की बात कही, जिस पर रोहित ने भरोसा दिलाया कि उसका पायलट होटल लीला पैलेस में गहनों की डिलीवरी कर देगा।
रोहित के कहने पर 13 मार्च को गहने पैक कर उसके पास भेज दिए गए।

उसने पायलट की पहचान के लिए एक फोटो भी भेजी और अगले दिन बंगलौर में डिलीवरी होने की बात कही। लेकिन तय समय पर न तो कोई पायलट पहुंचा और न ही रोहित का संपर्क हो पाया। इसके बाद डॉक्टर और उनके परिवार को ठगी का एहसास हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि रोहित ने अपने मकान मालिक को भी फर्जी पहचान के जरिए ठगी का शिकार बनाया। उसने आदित्य राय नाम से बैंक खाता खोलकर इलाज के नाम पर करीब साढ़े चार लाख रुपये अपने मकान मालिक से ट्रांसफर करवा लिए। यह खाता पंजाब नेशनल बैंक की पूर्णिया शाखा में खोला गया था, जिसमें मोबाइल नंबर रोहित का ही इस्तेमाल किया गया था। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है और रोहित वाजपेयी के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि उसने देश के कई शहरों में इसी तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है।

 

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