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पत्रकार नगर की थानेदार मनोरंजन भारती ने सबसे पहले नालंदा जिले के कतरीसराय थाना के तहत कतरडीह गांव के रहने वाले गुलशन कुमार और सुमन शेखर उर्फ कुणाल कुमार को पकड़ा इन दोनों पर पुलिस को संदेह था, पूछताछ में मामला साफ हुआ और इसके बाद पुलिस की टीम ने इसकी निशानदेही पर कंकड़बाग वृंदावन नेत्रालय के पास पहुंची वहां हाउस नंबर 31 में थर्ड फ्लोर पर गई दोनों साथियों ने इस फ्लैट को किराए पर ले रखा था इसमें ऑफिस की तरह टेबल और चेयर लगा था जहां बैठकर देशभर के लोगों को अपना शिकार बनाते थे।
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पूछताछ में दोनों लड़कियों ने बताया कि 20 से 25 हजार की सैलरी पर उन्हें गुलशन और कुणाल हायर किया था, इन अपराधियों के पास 186 पन्नों का एक डॉक्यूमेंट मिला है इसमें मणिपुर, ग्वालियर, मुंबई, शिलांग, हैदराबाद, खलीलाबाद सहित देश के अलग-अलग शहरों के रहने वाले हजारों लोगों के नाम, मोबाइल नंबर, उनकी ईमेल आईडी के साथ-साथ किसकी कितनी सैलरी है वह भी लिखा हुआ है, इस पेपर को मोटी रकम देकर गैंग के सरगना ने खरीदा था एक व्यक्ति एक दिन में 100 कॉल और मैसेज भेजता था इनका टारगेट तय हुआ था, बजाज फाइनेंस कंपनी के नाम पर ठगी के इस खेल को चलाया जा रहा था।
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पुलिस ने इनके पास से 1 लाख रूपए कैश, एक बाइक, 12 मोबाइल फोन, 5 एटीएम कार्ड, एक प्रिंटर और एक शराब की बोतल बरामद की है, अपराधियों से हुई पुलिस की पूछताछ में और जांच पड़ताल में पता चला कि कॉल और मैसेज जिन मोबाइल नंबरों के जरिए किया जाता था वह फर्जी नाम, पते पर खरीदे गए थे, अधिकतर सिम कार्ड पश्चिम बंगाल से खरीदे गए हैं फर्जी नाम पता वाले एक सिम कार्ड को 8000 की कीमत देकर खरीदा गया था इसी तरह फर्जी नाम पते पर सभी बैंक अकाउंट को 60,000 से 1 लाख तक कीमत देकर इन शातिरों ने खरीदा था, जिस व्यक्ति से लोन देने और उसकी प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर रुपए ठगे जाते थे, उसका मोबाइल नंबर भी रुपए आते ही ब्लॉक कर दिया जाता था पुलिस ने इनके बयान पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
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