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जमीन के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप, महिला से 3 की जगह 6 डिसमिल कराई रजिस्ट्री; स्टांप पेपर पर भी फर्जीवाड़े का दावा

कैमूर में जमीन रजिस्ट्री में धोखाधड़ी का आरोप, 3 की जगह 6 डिसमिल लिखवाया

Bihar: कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के लोदीपुर गांव में जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। मामले में लोदीपुर निवासी बसंती देवी, पति दीनानाथ गौड़ ने चैनपुर थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। आवेदन के अनुसार, बसंती देवी की नरसिंहपुर निवासी बलवंत सिंह, पिता स्वर्गीय गौरी सिंह से तीन डिसमिल जमीन बेचने को लेकर बातचीत हुई थी। जमीन की कीमत डेढ़ लाख रुपये तय हुई थी। आरोप है कि रजिस्ट्री के दौरान तीन डिसमिल की जगह धोखे से छह डिसमिल जमीन उनके नाम से लिखवा ली गई।

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रजिस्ट्री के कागजात देखने के बाद बसंती देवी के पुत्र मजनूं गौड़ को इसकी जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने बलवंत सिंह से संपर्क कर अतिरिक्त जमीन की जानकारी देते हुए उसका शेष भुगतान करने की बात कही। आरोप है कि बलवंत सिंह ने मोटेशन के समय राशि देने की बात कही। कुछ समय बाद बलवंत सिंह ने कथित तौर पर जमीन में कमी होने और मोटेशन नहीं होने की बात कहते हुए जमीन का सौदा रद्द करने तथा रुपये वापस करने की बात कही। इसी दौरान बसंती देवी से एक सादे स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करा लिए गए। गवाह के तौर पर उनके पुत्र मजनूं गौड़ के भी हस्ताक्षर लिए गए। उन्हें बताया गया कि बाद में स्टांप पेपर पर आवश्यक बातें टाइप कर इसकी एक प्रति उन्हें उपलब्ध करा दी जाएगी।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि बाद में उक्त स्टांप पेपर पर मनमाने तरीके से अलग-अलग बातें लिख दी गईं और अधिक राशि अंकित कर उसकी मांग की जाने लगी। जब मजनूं गौड़ ने स्टांप पेपर की प्रति मांगी तो कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। इस दौरान जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
घटना के बाद बसंती देवी और उनके पुत्र ने चैनपुर थाने पहुंचकर पुलिस को आवेदन दिया। चैनपुर थानाध्यक्ष विजय प्रसाद ने बताया कि प्राप्त आवेदन के आधार पर एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

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