Home कैमूर जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर कैमूर में चार दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, अब...

जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर कैमूर में चार दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, अब दूसरे चरण की तैयारी तेज

कैमूर में जनगणना-2027 को लेकर चार दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, होगी पहली डिजिटल जनगणना

Bihar: कैमूर, भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या परिगणना को लेकर कैमूर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में समाहरणालय स्थित मुण्डेश्वरी सभाकक्ष में आयोजित चार दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को संपन्न हो गया। समापन सत्र की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी ने की। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों और कर्मियों को आगामी जनगणना कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी सटीकता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में आंकड़ों की शुद्धता और पारदर्शिता बेहद आवश्यक है। इसके लिए सभी संबंधित लिपिकों और तकनीकी सहायकों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने को कहा गया। उन्होंने जनगणना के प्रथम चरण यानी मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के सफल निष्पादन की सराहना करते हुए दूसरे चरण के लिए सभी कर्मियों को शुभकामनाएं दीं।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

NS News

देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी 2027 में

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जनगणना के राष्ट्रीय और नीतिगत महत्व पर भी जानकारी दी गई। बताया गया कि भारत में जनगणना की ऐतिहासिक शुरुआत वर्ष 1872 में हुई थी। स्वतंत्रता के बाद यह आठवीं जनगणना होगी। इससे प्राप्त आंकड़े देश और राज्यों की सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय स्थिति को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही विकास योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के आवंटन और भविष्य की नीतियों के निर्धारण में भी इन आंकड़ों का उपयोग किया जाएगा। जनगणना-2027 की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। इसमें प्रगणक विशेष रूप से विकसित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से स्मार्टफोन पर सीधे आंकड़ों का संग्रह करेंगे। इसके अतिरिक्त आम नागरिकों को निर्धारित वेब पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। स्व-गणना के तहत नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों की प्रामाणिकता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा।

जनसंख्या से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं का होगा संकलन

जनगणना के दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जनसांख्यिकीय, सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक पहलुओं की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके साथ ही प्रवासन एवं प्रजनन संबंधी विशेषताओं से जुड़े आंकड़ों का भी संकलन किया जाएगा। इन जानकारियों के आधार पर भविष्य की सरकारी योजनाओं और नीतिगत निर्णयों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

दो चरणों में दिया गया प्रशिक्षण

जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया गया। जनगणना निदेशालय, पटना द्वारा नामित राज्य स्तरीय प्रशिक्षक अमर ज्योति कुमार एवं प्रेम जी कुमार सिन्हा ने प्रतिभागियों को जनगणना की प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं, निर्धारित प्रपत्रों और कार्य निष्पादन से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण के पहले चरण में 30 और 31 अक्टूबर 2026 को जिला एवं चार्ज स्तर के पदाधिकारियों तथा अन्य सरकारी कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। वहीं, दूसरे चरण में 1 और 2 नवंबर को जिला एवं चार्ज स्तर के लिपिकों तथा तकनीकी सहायकों को तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। समापन अवसर पर अपर समाहर्त्ता (विभागीय जांच), अपर समाहर्त्ता (राजस्व), जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-अपर जिला जनगणना पदाधिकारी सहित सभी चार्ज स्तरीय तकनीकी सहायक, लिपिक एवं संबंधित कर्मी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने जनगणना कार्य से जुड़े सभी पदाधिकारियों और कर्मियों से आपसी समन्वय के साथ इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान को समयबद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से पूरा करने की अपेक्षा जताई।

Exit mobile version