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साक्ष्यों के साथ सभापति को सौंपा गया पिटीशन
मुलाकात के बाद पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सभापति को पूरे मामले की जानकारी देते हुए दोनों एमएलसी के खिलाफ संवैधानिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर उनका पक्ष जानने और नियमानुसार निर्णय लेने का आग्रह किया गया है। किशोर कुमार मुन्ना के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल ने पेन ड्राइव के माध्यम से सभापति को आवश्यक साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं। इनमें समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें, मीडिया में दिए गए बयान और भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने से संबंधित अन्य सामग्री शामिल है। उन्होंने बताया कि इस मामले में भारत निर्वाचन आयोग, बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मुख्य सचिव और संबंधित आयुक्त को भी पक्षकार बनाया गया है। जन सुराज ने संबंधित साक्ष्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की मांग की है।
कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर कार्रवाई का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल में शामिल पूर्व एमएलसी रामबली सिंह चंद्रवंशी ने बताया कि सभापति के समक्ष मामले की गंभीरता रखते हुए शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया गया। उन्होंने कहा कि सभापति ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि मामले में कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप उचित कार्रवाई की जाएगी। रामबली चंद्रवंशी ने उम्मीद जताई कि सभापति लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए इस मामले में निष्पक्ष निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने अपनी याचिका के साथ सभी संबंधित साक्ष्य उपलब्ध करा दिए हैं।
अब सभापति के फैसले पर टिकी निगाहें
फिलहाल जन सुराज की ओर से दोनों निर्दलीय एमएलसी की सदस्यता समाप्त करने की मांग को लेकर उठाए गए इस कदम के बाद राजनीतिक हलकों में मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, सदस्यता समाप्त करने को लेकर अंतिम निर्णय विधान परिषद के सक्षम प्राधिकारी द्वारा संबंधित संवैधानिक प्रावधानों और उपलब्ध तथ्यों के परीक्षण के बाद ही लिया जाएगा। इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, पूर्व एमएलसी रामबली चंद्रवंशी, सुभाष कुशवाहा, तेज नारायण सहनी, सुरेश पटेल, ओबैदुर रहमान सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।