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हेलीकॉप्टर से पहुंचे मुख्यमंत्री, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 700 पुलिस जवानों और 250 से अधिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार पर दिया जोर
श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में धार्मिक आस्था और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल भारतीय संस्कृति और परंपरा के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। मुख्यमंत्री ने देश के धार्मिक स्थलों के संपूर्ण जीर्णोद्धार की बात कही। उनके संबोधन में धार्मिक विरासत के संरक्षण और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने पर जोर देखने को मिला।
‘भारत शेर बनकर दहाड़ेगा’
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब सोने की चिड़िया बनकर नहीं, बल्कि शेर बनकर दहाड़ेगा। उनके इस बयान को देश की बढ़ती ताकत और प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बिहार सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने योजनाओं के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए विकास और जनहित से जुड़े प्रयासों पर अपनी बात रखी।
महायज्ञ में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान परसिया गांव और आसपास के इलाकों में काफी चहल-पहल रही। महायज्ञ में शामिल होने पहुंचे श्रद्धालुओं में मुख्यमंत्री को देखने और उनका संबोधन सुनने को लेकर उत्साह दिखाई दिया। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। जिला प्रशासन और पुलिस की निगरानी में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम संपन्न हुआ।