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विकास के पिता अनिल गुप्ता वाराणसी में रहकर ठेला पर सब्जी बेचते हैं और इसी मेहनत से अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के लिए हमेशा प्रेरित किया। विकास ने भी पिता की मेहनत को समझते हुए दिन-रात मेहनत की और आज अपनी सफलता से परिवार और जिले का नाम रोशन कर दिया। विकास ने बताया कि उनकी सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपनी कड़ी मेहनत को जाता है। उन्होंने रोजाना करीब 12 से 13 घंटे तक पढ़ाई की और जो भी पढ़ते थे, उसे अगले दिन जरूर दोहराते थे। इसके अलावा उन्होंने कोचिंग क्लास भी जॉइन की थी, जिससे पढ़ाई में और मदद मिली।
विकास का सपना है कि आगे चलकर वह UPSC की तैयारी कर IAS अधिकारी बनें और देश की सेवा करें। माता रीता देवी ने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं। बड़ा बेटा इंटर की पढ़ाई कर रहा है, जबकि विकास ने मैट्रिक में जिला टॉप कर परिवार को गौरवान्वित किया है। सबसे छोटी बेटी सातवीं कक्षा में पढ़ती है। उन्होंने कहा कि विकास बचपन से ही पढ़ाई में काफी रुचि रखता था और आज उसकी मेहनत रंग लाई है। इस सफलता के बाद परिवार में खुशी का माहौल है और आसपास के लोग भी विकास को बधाई दे रहे हैं। यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि मेहनत और लगन से किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है।