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कैमूर में किसानों को दी गई संतुलित खेती की सलाह, अधिक रासायनिक उर्वरक के नुकसान बताए

कैमूर में किसानों को संतुलित उर्वरक प्रयोग के लिए किया गया जागरूक

Bihar: कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मंझुई के कल्याणीपुर गांव में कृषि विभाग की ओर से किसानों के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को संतुलित उर्वरक प्रयोग, मिट्टी संरक्षण और जैविक विकल्पों के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से होने वाले नुकसान की विस्तृत जानकारी दी।

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कार्यक्रम में मौजूद प्रखंड तकनीकी प्रबंधक संदीप कुमार मौर्य ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बेहतर फसल उत्पादन के लिए उर्वरकों का संतुलित मात्रा में उपयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि लगातार और अत्यधिक मात्रा में रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता धीरे-धीरे कम हो रही है, जिससे भूमि की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसके अलावा ऐसे उर्वरकों से तैयार होने वाले खाद्यान्न मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डाल सकते हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि खेती में जैविक और प्राकृतिक संसाधनों का अधिक उपयोग करें। किसानों को बताया गया कि ढैंचा, सनई और मूंग जैसी फसलों के अवशेषों को खेत में सड़ाकर हरी खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और रासायनिक खाद पर निर्भरता भी कम होती है। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र अधौरा के वैज्ञानिक नीरज कुमार और मनीष कुमार ने भी किसानों को वैज्ञानिक खेती के कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए, ताकि फसल उत्पादन बेहतर होने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता भी सुरक्षित रह सके। मौके पर किसान सहतू सिंह, अनिल कुमार, विजय बहादुर सिंह, रमाशंकर सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने खेती से जुड़ी समस्याएं भी साझा कीं, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान बताया।

 

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