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बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में चल रही उथल-पुथल और हाल ही में लागू किए गए नए नियमों—जैसे 25 दिनों के अंतराल पर ओटीपी आधारित गैस बुकिंग—के बावजूद यह सुनिश्चित किया जाए कि आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की गैस की कमी का सामना न करना पड़े। डीएम ने आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी या व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए नियमित रूप से छापेमारी अभियान चलाया जाए। यदि किसी भी एजेंसी या व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को तय समय सीमा के भीतर गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। साथ ही गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल रिकॉर्ड को समय-समय पर अपडेट रखने को कहा गया, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या धांधली की संभावना न रहे। बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी (DSO) को निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों के आपूर्ति निरीक्षकों के साथ समन्वय बनाकर नियमित मॉनिटरिंग करें और जिले में एलपीजी आपूर्ति की स्थिति पर साप्ताहिक रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। इस समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, भभुआ और मोहनिया के अनुमंडल पदाधिकारी, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी तथा जिले के सभी एलपीजी गैस विक्रेता मौजूद रहे।