Bihar, कैमूर: जिले में धान अधिप्राप्ति कार्य को सुचारु, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से सोमवार, 16 दिसंबर 2025 को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में धान अधिप्राप्ति जिला टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में धान खरीद से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर गहन समीक्षा की गई और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
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समितियों के चयन की प्रक्रिया की समीक्षा
बैठक में धान अधिप्राप्ति हेतु चयनित पैक्स एवं व्यापार मंडलों के चयन की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी समितियां निर्धारित मापदंडों का पूर्ण रूप से पालन करें, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने जानकारी दी कि अब तक जिले में 144 समितियों का चयन किया जा चुका है।
राइस मिलों के सत्यापन में देरी पर डीएम नाराज
जिले में निबंधित राइस मिलों के भौतिक एवं दस्तावेजी सत्यापन की समीक्षा के दौरान जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम ने बताया कि अब तक मिलों का सत्यापन नहीं हो सका है। इस पर जिला पदाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से सत्यापन कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।
मिलों की टैगिंग प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश
धान अधिप्राप्ति से जुड़ी राइस मिलों की टैगिंग (Tagging) प्रक्रिया को सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शिका के अनुरूप जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया, ताकि धान मिलिंग एवं चावल आपूर्ति की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।
एफआरके (FRK) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में मिलों में एफआरके (FRK) की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आवश्यकतानुसार एफआरके की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे धान उठाव एवं मिलिंग कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो सके।
कैश-क्रेडिट सुविधा को लेकर समीक्षा
राइस मिलों को उपलब्ध कराई जा रही कैश-क्रेडिट सुविधा की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने बैंक एवं विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ समस्याओं का त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया।
किसानों के हित सर्वोपरि: जिला पदाधिकारी
बैठक में जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि धान अधिप्राप्ति कार्य में किसानों के हित सर्वोपरि हैं और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने एवं नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
पारदर्शी और समयबद्ध धान अधिप्राप्ति का भरोसा
जिला प्रशासन की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि जिले में धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध एवं किसान हितैषी बनाया जाएगा, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो सके।