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फरवरी में लागू हुई थी अलग-अलग व्यवस्था
दरअसल, फरवरी 2026 में मध्य-पूर्व की परिस्थितियों के बीच LPG की मांग को नियंत्रित करने के लिए अस्थायी तौर पर रीफिल बुकिंग के नियमों में बदलाव किया गया था। उस समय शहरी उपभोक्ताओं के लिए 25 दिन और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए 45 दिनों का अंतराल निर्धारित किया गया था। इस व्यवस्था के कारण ग्रामीण उपभोक्ताओं को शहरी उपभोक्ताओं की तुलना में अगला सिलेंडर बुक कराने के लिए अधिक समय इंतजार करना पड़ता था। अब LPG की आपूर्ति में सुधार और बैकलॉग कम होने के बाद मंत्रालय ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी 25 दिनों का अंतराल तय कर दिया है।
गांव और शहर के उपभोक्ताओं के लिए एक ही नियम
नई व्यवस्था के तहत अब घरेलू LPG उपभोक्ता चाहे ग्रामीण क्षेत्र में रहते हों या शहरी क्षेत्र में, सभी के लिए इंटर-रीफिल बुकिंग गैप 25 दिन रहेगा। यानी पिछली रीफिल बुकिंग के 25 दिन बाद उपभोक्ता अगली रीफिल बुक करा सकेंगे। सरकार के इस निर्णय से खासकर उन ग्रामीण परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां घरेलू खाना पकाने के लिए LPG पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है।
तीनों तेल कंपनियों को आदेश
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने संशोधित व्यवस्था को लागू करने के लिए प्रमुख तेल विपणन कंपनियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इनमें इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) शामिल हैं। मंत्रालय के निर्देश के बाद अब ग्रामीण और शहरी घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए रीफिल बुकिंग का अंतर समान रहेगा।
कैमूर के ग्रामीण उपभोक्ताओं ने फैसले का किया स्वागत
सरकार के इस फैसले की जानकारी सामने आने के बाद कैमूर के ग्रामीण उपभोक्ताओं में खुशी देखी जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि 45 दिनों का अंतराल होने के कारण कई बार सिलेंडर की जरूरत पड़ने पर अगली बुकिंग को लेकर परेशानी होती थी। अब 25 दिनों में रीफिल बुक कराने की सुविधा मिलने से घरेलू गैस की उपलब्धता को लेकर राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रामीण उपभोक्ताओं ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए समान नियम लागू किए जाने को सरकार का स्वागत योग्य कदम बताया है। नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को जहां बुकिंग के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, वहीं LPG की आपूर्ति व्यवस्था भी पहले की तुलना में अधिक सुचारू होने की उम्मीद है।