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जब युवती की स्थिति गंभीर हो गई तो परिजन आनन-फानन में उसे भभुआ सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने अंशु को मृत घोषित कर दिया। युवती की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सदर अस्पताल पहुंचे मृतका के छोटे भाई मनीष कुमार ने बताया कि उनकी बहन घर में दीपक जलाने गई थी। इसी दौरान उसके हाथ में किसी जीव ने काट लिया। इसके बाद परिजन उसे झाड़-फूंक कराने के लिए लेकर चले गए। हालत बिगड़ने पर उसे सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
कैमूर में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से लगातार लोगों को सर्पदंश के मामलों में तत्काल अस्पताल पहुंचने के लिए जागरूक किया जाता रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार सांप के काटने के बाद समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। इसके बावजूद ग्रामीण इलाकों में आज भी कई लोग झाड़-फूंक और अंधविश्वास के चक्कर में इलाज में देरी कर देते हैं। यह देरी कई बार जानलेवा साबित होती है। ऐसे में सर्पदंश की स्थिति में किसी भी तरह का समय गंवाए बिना पीड़ित को नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना बेहद जरूरी है।