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कैमूर की 11 पंचायतों में पहुंचा प्रशासन, 365 फरियादियों ने रखीं समस्याएं; 195 मामलों का शिविर में ही समाधान

कैमूर की 11 पंचायतों में सहयोग शिविर, 365 आवेदनों में 195 का मौके पर निष्पादन

Bihar: कैमूर (भभुआ), आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कैमूर जिले की 11 पंचायतों में मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को ‘सहयोग शिविर’ आयोजित किए गए। पंचायत स्तर पर लगाए गए इन शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतें और समस्याएं लेकर पहुंचे। जिला प्रशासन की ओर से नामित वरीय पदाधिकारियों की अध्यक्षता में आयोजित शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। शिविरों में कुल 365 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 195 मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया। वहीं, 170 आवेदन अभी प्रक्रियाधीन हैं, जिन्हें संबंधित विभागों को भेजते हुए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण समाधान का निर्देश दिया गया है।

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Sahyog shivir, Padhauti, Bhagwanpur
Sahyog shivir, Padhauti, Bhagwanpur

कहां कितने मामलों का हुआ निपटारा
भभुआ प्रखंड की मिरियां पंचायत में 29 में से 24, महुअत में 30 में से 25 और मींव में 11 में से 10 आवेदनों का निष्पादन किया गया। अधौरा प्रखंड की बड़वानकला पंचायत में 70 आवेदनों में से 38 मामलों का समाधान हुआ। मोहनियां प्रखंड की अमेठ पंचायत में 75 में से 35 और भिट्टी पंचायत में 60 में से 28 आवेदनों का निपटारा किया गया। चैनपुर प्रखंड की अमांव पंचायत में 24 में से 15 आवेदन मौके पर निष्पादित किए गए। इसके अलावा भगवानपुर प्रखंड की पढ़ौती पंचायत में 24 में से 9, रामपुर प्रखंड की बड़कागांव पंचायत में 18 में से 2 और रामगढ़ प्रखंड की अकोढ़ी पंचायत में 21 में से 9 मामलों का निष्पादन किया गया। वहीं, चांद प्रखंड की गोई पंचायत में प्राप्त तीनों आवेदन अभी प्रक्रियाधीन हैं।

विभागीय स्टॉल पर हुई शिकायतों की सुनवाई
सहयोग शिविर में ग्रामीणों की सुविधा के लिए विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। यहां शिकायतों और आवेदनों का पंजीकरण करने के साथ कई मामलों का ऑन-द-स्पॉट समाधान किया गया। जिन समस्याओं के तत्काल समाधान की स्थिति नहीं थी, उन्हें संबंधित विभागों को अग्रसारित कर दिया गया। जिला प्रशासन ने लंबित मामलों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। प्रशासन का उद्देश्य पंचायत स्तर पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान उपलब्ध कराना और उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना है।

 

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