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जानकारी के अनुसार पंचायत समिति के सदस्य रहे मोहम्मद जैनुद्दीन वे इस दफे पंचायत के मुखिया पद पर कब्जा करना चाहते थे लेकिन रास्ते में बड़ी बाधा खड़ी थी, सरकार ने उस पंचायत को अति पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए रिज़र्व कर दिया था, मोहम्मद जैनुद्दीन अति पिछड़ा वर्ग से नहीं आते लिहाजा उनके परिवार का कोई भी दूसरा सदस्य भी अति पिछड़े वर्ग में नहीं आ रहा था, इसलिए उन्होंने एक नया रास्ता निकाला और पंचायत चुनाव से पहले 63 वर्ष से बुजुर्ग ने एक कुंवारी लड़की साहिरा खातून से दूसरी शादी कर ली।
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साहिरा खातून अति पिछड़े वर्ग से आती हैं और सरकारी नियमों के मुताबिक शादी के बावजूद महिला वही जाती मानी जाती है, जो उसके पिता की होती है यानी जैनुद्दीन से निकाह के बावजूद साहिरा खातून अति पिछड़े वर्ग की ही मानी जाएंगी और मुखिया चुनाव लड़ सकेंगी।
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मोहम्मद जैनुद्दीन का काफी बड़ा परिवार है उनके साथ उनकी पहली पत्नी भी रहती हैं, वही उनके तीन बेटे और चार बेटियां हैं, 9 पोता-पोती और 6 नाती-नातिन है फिर भी उन्होंने दूसरा ब्याह रचाया है, इसकी जानकारी मिडिया को देते हुए उन्होंने कहा की सीट रिज़र्व हो गया था ऐसे में उनके परिवार का कोई दूसरा सदस्य चुनाव नहीं लड़ सकता था मुखिया चुनाव जितने के लिए उन्होंने दूसरा निकाह किया है, वही अररिया के पड़रिया पंचायत में नौवें चरण में मतदान होगा यानी यहां 29 नवंबर को वोटिंग होगी और दो दिन बाद रिजल्ट आएगा।
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